(N/A) अम्ल उत्प्रेरक (जैसे $H_2SO_4$) की उपस्थिति में एल्कीन में $H_2O$ का योग अम्ल-उत्प्रेरित जलयोजन (acid-catalyzed hydration) कहलाता है।
$H_2O$ एक न्यूक्लियोफाइल के रूप में कार्य करता है,जिसे $\stackrel{+\delta}{H}-\stackrel{-\delta}{OH}$ के रूप में दर्शाया जा सकता है।
यह अभिक्रिया इलेक्ट्रोफिलिक योगात्मक अभिक्रिया (electrophilic addition) के माध्यम से होती है,जिसमें अम्ल से प्राप्त प्रोटॉन $(H^+)$ द्वि-आबंध पर आक्रमण करके एक कार्बोकेशन मध्यवर्ती बनाता है।
इसके बाद,जल का अणु कार्बोकेशन पर आक्रमण करता है,और फिर प्रोटॉन के हटने से अल्कोहल प्राप्त होता है।
असममित एल्कीन के लिए,यह अभिक्रिया मार्कोवनिकोव के नियम का पालन करती है,जिसमें हाइड्रॉक्सिल समूह $(-OH)$ अधिक प्रतिस्थापित कार्बन परमाणु से जुड़ता है।