(N/A) एल्युमीनियम जब हवा के संपर्क में आता है,तो उसकी सतह पर एल्युमीनियम ऑक्साइड $(Al_2O_3)$ की एक मजबूत,अभेद्य और सुरक्षात्मक परत बन जाती है। यह परत आसानी से हटती नहीं है और धातु के आगे के ऑक्सीकरण या संक्षारण को रोकती है।
$(b)$ तनु $HNO_3$ एक प्रबल ऑक्सीकारक है। जब यह जिंक जैसी धातुओं के साथ अभिक्रिया करता है,तो यह अभिक्रिया के दौरान उत्पन्न हाइड्रोजन गैस को पानी $(H_2O)$ में ऑक्सीकृत कर देता है और स्वयं नाइट्रोजन के ऑक्साइड (जैसे $N_2O$,$NO$,या $NO_2$) में अपचयित हो जाता है।
$(c)$ एल्युमीनियम की ऑक्सीजन के प्रति आत्मीयता (affinity) कार्बन की तुलना में बहुत अधिक होती है। इसलिए,कार्बन एल्युमीनियम ऑक्साइड $(Al_2O_3)$ से ऑक्सीजन को प्रभावी ढंग से नहीं हटा सकता है। परिणामस्वरूप,एल्युमीनियम प्राप्त करने के लिए कार्बन अपचयन के बजाय विद्युत-अपघटनी अपचयन का उपयोग किया जाता है।