आइंस्टीन के प्रकाश-विद्युत समीकरण के अनुसार,धातु से उत्सर्जित फोटोइलेक्ट्रॉनों की अधिकतम गतिज ऊर्जा और आपतित विकिरण की आवृत्ति के बीच खींचा गया ग्राफ एक सीधी रेखा देता है,जिसका ढाल (slope):

  • A
    सभी धातुओं के लिए समान है और विकिरण की तीव्रता से स्वतंत्र है
  • B
    विकिरण की तीव्रता पर निर्भर करता है
  • C
    विकिरण की तीव्रता और उपयोग की गई धातु दोनों पर निर्भर करता है
  • D
    उपयोग की गई धातुओं की प्रकृति पर निर्भर करता है

Explore More

Similar Questions

निम्नलिखित में से कौन सा ग्राफ आपतित विकिरण की तीव्रता $(I)$ के साथ फोटोइलेक्ट्रॉन की अधिकतम गतिज ऊर्जा $(E)$ के सही परिवर्तन को दर्शाता है?

कथन $1$ : एक धातु की सतह को $v > v_0$ आवृत्ति के एकवर्णी प्रकाश द्वारा विकिरणित किया जाता है। अधिकतम गतिज ऊर्जा और निरोधी विभव (स्टॉपिंग पोटेंशियल) क्रमशः $K_{max}$ और $V_0$ हैं। यदि आपतित प्रकाश की आवृत्ति दोगुनी कर दी जाए, तो $K_{max}$ और $V_0$ भी दोगुने हो जाएंगे। कथन $2$ : सतह से उत्सर्जित फोटो-इलेक्ट्रॉनों का निरोधी विभव और अधिकतम गतिज ऊर्जा आपतित प्रकाश की आवृत्ति पर रैखिक रूप से निर्भर करते हैं।

$Zn$ का कार्य फलन $4.25 \ eV$ है। तो देहली आवृत्ति विद्युत चुंबकीय स्पेक्ट्रम के किस क्षेत्र में होती है?

दो समान फोटो-कैथोड $f_1$ और $f_2$ आवृत्ति का प्रकाश प्राप्त करते हैं। यदि बाहर निकलने वाले फोटो-इलेक्ट्रॉनों (द्रव्यमान $m$) के वेग क्रमशः $v_1$ और $v_2$ हैं,तो:

एक धातु का कार्य फलन (work function) $1.6 \ eV$ है। इस धातु से प्रकाश वैद्युत उत्सर्जन (photoelectric emission) उत्पन्न करने के लिए आवश्यक प्रकाश की अधिकतम तरंगदैर्ध्य $\mathring{A}$ में क्या होगी? $(h = 6.6 \times 10^{-34} \ J \cdot s, c = 3 \times 10^8 \ m/s, 1 \ eV = 1.6 \times 1.6 \times 10^{-19} \ J)$

Vedclass Products

For Students

Vedclass Test Series

Mock tests in real JEE/NEET style with performance analysis. 5-day free trial.

Start Free Trial
For Teachers

Exam Paper Generator

Generate Set A/B/C/D exam papers from 7.5L+ questions in 2 minutes. 3 chapters free.

Try Free
For Institutes

Online Exam Module

Live online exams with unlimited students, 360° analytics & white-label branding.

See Demo