(N/A) सबसे पहले,लेंस की फोकस दूरी $(f)$ की गणना करें:
वस्तु दूरी $u = 12.0 - 50.0 = -38.0\, cm$
प्रतिबिंब दूरी $v = 88.0 - 50.0 = +38.0\, cm$
लेंस सूत्र का उपयोग करते हुए: $\frac{1}{v} - \frac{1}{u} = \frac{1}{f}$
$\frac{1}{38} - \frac{1}{-38} = \frac{1}{f} \implies \frac{2}{38} = \frac{1}{f} \implies f = 19.0\, cm$
$(i)$ नई वस्तु स्थिति $= 31.0\, cm$. नया $u = 31.0 - 50.0 = -19.0\, cm$. चूंकि वस्तु मुख्य फोकस $(F)$ पर है,इसलिए प्रतिबिंब अनंत पर बनेगा।
$(ii)$ यदि मोमबत्ती को लेंस की ओर और अधिक खिसकाया जाता है (अर्थात $u < f$),तो वस्तु प्रकाशिक केंद्र और मुख्य फोकस के बीच स्थित होती है। बनने वाला प्रतिबिंब आभासी,सीधा और आवर्धित होगा।
$(iii)$ किरण आरेख दर्शाता है कि जब वस्तु $F$ और $O$ के बीच स्थित होती है,तो प्रतिबिंब वस्तु की ओर ही आभासी रूप से बनता है।