(N/A) $(i)$ जब छात्र आगे की डेस्क पर बैठता है,तो वस्तु बहुत करीब होती है। ब्लैकबोर्ड से आने वाली प्रकाश किरणें रेटिना (दृष्टि पटल) के पीछे केंद्रित होती हैं,जिसके परिणामस्वरूप रेटिना पर धुंधला प्रतिबिंब बनता है।
$(ii)$ जब छात्र आखिरी डेस्क पर बैठता है,तो वस्तु पर्याप्त दूरी पर होती है। ब्लैकबोर्ड से आने वाली प्रकाश किरणें ठीक रेटिना पर केंद्रित होती हैं,जिसके परिणामस्वरूप एक स्पष्ट प्रतिबिंब बनता है।
$(b)$ छात्र हाइपरमेट्रोपिया (दूर दृष्टि दोष) से पीड़ित है।
$(c)$ इस दोष को उपयुक्त फोकस दूरी वाले उत्तल लेंस का उपयोग करके ठीक किया जा सकता है। उत्तल लेंस आंख में प्रवेश करने से पहले प्रकाश किरणों को अभिसरित (converge) करता है,जिससे प्रतिबिंब रेटिना पर बन पाता है।