(X=CACO3, Y=CA(OH)2, G=CL2, Z=CAOCL2) $1$. ब्राइन ($NaCl$ विलयन) के विद्युत अपघटन के दौरान एनोड पर मुक्त होने वाली गैस क्लोरीन $(G = Cl_2)$ है।
$2$. जब क्लोरीन गैस को सूखे बुझे हुए चूने $(Y = Ca(OH)_2)$ पर गुजारा जाता है,तो यह विरंजक चूर्ण $(Z = CaOCl_2)$ उत्पन्न करता है,जिसका उपयोग पीने के पानी को कीटाणुरहित करने के लिए किया जाता है।
$3$. अभिक्रिया: $Ca(OH)_2 + Cl_2 \rightarrow CaOCl_2 + H_2O$.
$4$. चूंकि $Y$ कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड है,इसलिए धातु कार्बोनेट $X$ कैल्शियम कार्बोनेट $(CaCO_3)$ है।
$5$. जब $CaCO_3$ किसी अम्ल (जैसे $HCl$) के साथ अभिक्रिया करता है,तो यह $CO_2$ गैस छोड़ता है: $CaCO_3 + 2HCl \rightarrow CaCl_2 + H_2O + CO_2$.
$6$. जब इस $CO_2$ को चूने के पानी $(Ca(OH)_2)$ से गुजारा जाता है,तो $CaCO_3$ के निर्माण के कारण यह दूधिया हो जाता है: $Ca(OH)_2 + CO_2 \rightarrow CaCO_3 + H_2O$.