(A) $l$ लंबाई और $A$ अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल वाले तांबे के तार का प्रतिरोध $(R)$ निम्नलिखित सूत्र द्वारा दिया जाता है:
$R = \rho \frac{l}{A}$
दिया गया है:
तांबे की प्रतिरोधकता,$\rho = 1.6 \times 10^{-8}\, \Omega \, m$
व्यास,$d = 0.5\, mm = 5 \times 10^{-4}\, m$
प्रतिरोध,$R = 10\, \Omega$
अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल,$A = \pi r^2 = \pi \left(\frac{d}{2}\right)^2 = \pi \left(\frac{5 \times 10^{-4}}{2}\right)^2 = \pi \times 6.25 \times 10^{-8}\, m^2$
लंबाई $(l)$ की गणना:
$l = \frac{R \times A}{\rho} = \frac{10 \times 3.14 \times 6.25 \times 10^{-8}}{1.6 \times 10^{-8}} = \frac{196.25}{1.6} \approx 122.7\, m$
यदि व्यास को दोगुना कर दिया जाए,तो नया व्यास $d' = 2d = 1.0\, mm = 10^{-3}\, m$ होगा।
चूंकि $R \propto \frac{1}{d^2}$,यदि व्यास दोगुना हो जाता है,तो क्षेत्रफल $A$ चार गुना बढ़ जाता है।
अतः,नया प्रतिरोध $R' = \frac{R}{4} = \frac{10}{4} = 2.5\, \Omega$ होगा।