(N/A) $14 \, cm$ किनारे वाले घन से काटे गए अधिकतम आकार के शंकु की आधार त्रिज्या $r = 7 \, cm$ और ऊँचाई $h = 14 \, cm$ होगी।
तिर्यक ऊँचाई $l = \sqrt{r^2 + h^2} = \sqrt{7^2 + 14^2} = \sqrt{49 + 196} = \sqrt{245} = 7\sqrt{5} \, cm$.
शंकु का पृष्ठीय क्षेत्रफल $= \pi r l + \pi r^2 = \frac{22}{7} \times 7 \times 7\sqrt{5} + \frac{22}{7} \times 7^2 = 154\sqrt{5} + 154 = 154(\sqrt{5} + 1) \, cm^2$.
घन का पृष्ठीय क्षेत्रफल $= 6 \times (14)^2 = 6 \times 196 = 1176 \, cm^2$.
जब शंकु को काटा जाता है,तो घन के एक फलक से शंकु का वृत्ताकार आधार हट जाता है,लेकिन शंकु का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल में जुड़ जाता है।
बचे हुए ठोस का पृष्ठीय क्षेत्रफल $= (\text{घन का कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल}) - (\text{शंकु के आधार का क्षेत्रफल}) + (\text{शंकु का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल})$.
$= 1176 - \pi r^2 + \pi r l = 1176 - 154 + 154\sqrt{5} = (1022 + 154\sqrt{5}) \, cm^2$.