एक प्रयोगशाला में एक रेडियोधर्मी पदार्थ की अर्ध-आयु $2 \text{ घंटे}$ है। जब इसकी सक्रियता (activity) अपने प्रारंभिक मान के $1/64$ भाग तक कम हो जाती है,तो इसे प्रयोगशाला में उपयोग के लिए सुरक्षित माना जाता है। कितने घंटों के बाद प्रयोगशाला सुरक्षित हो जाएगी?

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एक रेडियोधर्मी नाभिक दो अलग-अलग प्रक्रियाओं द्वारा क्षयित होता है। पहली प्रक्रिया के लिए अर्ध-आयु $10 \ s$ है और दूसरी के लिए $100 \ s$ है। नाभिक की प्रभावी अर्ध-आयु लगभग $..... \ s$ है।

रेडियोएक्टिविटी के $SI$ मात्रक को परिभाषित कीजिए।

एक रेडियोधर्मी नाभिक दो अलग-अलग प्रक्रियाओं द्वारा क्षय हो सकता है। पहली प्रक्रिया के लिए अर्ध-आयु $3.0 \, hours$ है जबकि दूसरी प्रक्रिया के लिए यह $4.5 \, hours$ है। नाभिक की प्रभावी अर्ध-आयु $......... \, hours$ होगी।

पोलोनियम की अर्ध-आयु $140 \, days$ है। कितने दिनों के बाद $16 \, g$ पोलोनियम घटकर $1 \, g$ रह जाएगा (या $15 \, g$ क्षय हो जाएगा)?

एक रेडियोधर्मी नमूना दो विधियों से क्षयित होता है: $\alpha$-क्षय और $\beta$-क्षय। यह $66.6 \%$ समय $\alpha$-क्षय द्वारा और $33.3 \%$ समय $\beta$-क्षय द्वारा क्षयित होता है। यदि नमूने की अर्ध-आयु $60 \text{ years}$ है,तो यदि यह केवल $\alpha$-क्षय द्वारा क्षयित हो,तो नमूने की अर्ध-आयु क्या होगी?

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