शून्य फोटोइलेक्ट्रिक धारा के लिए निरोधी विभव (stopping potential) है:

  • A
    आपतित प्रकाश की तरंगदैर्ध्य के समानुपाती होता है।
  • B
    आपतित प्रकाश की तरंगदैर्ध्य बढ़ने पर बढ़ता है।
  • C
    आपतित प्रकाश की आवृत्ति के समानुपाती होता है।
  • D
    आपतित प्रकाश की आवृत्ति बढ़ने पर बढ़ता है।

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प्रकाश-विद्युत प्रभाव में यदि प्रकाश की तीव्रता को दोगुना कर दिया जाए,तो फोटोइलेक्ट्रॉन की अधिकतम गतिज ऊर्जा हो जाएगी

धातु की सतह पर आपतित फोटॉन की ऊर्जा क्रमशः $3W$ और $5W$ है,जहाँ $W$ उस धातु का कार्य फलन (work function) है। उत्सर्जित फोटोइलेक्ट्रॉन के अधिकतम वेग का अनुपात ज्ञात कीजिए।

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यदि $6.2 eV$ का पराबैंगनी विकिरण एक एल्युमीनियम सतह पर गिरता है,तो उत्सर्जित सबसे तेज़ इलेक्ट्रॉन की गतिज ऊर्जा क्या होगी? (कार्य-फलन $= 4.2 eV$)

सीज़ियम की देहली आवृत्ति (threshold frequency) $5.16 \times 10^{14} \ Hz$ है। तो इसका कार्य फलन (work function) . . . . . . $eV$ है।

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