$1.5$ गुना आवृत्ति वाला प्रकाश एक प्रकाश-संवेदी पदार्थ पर आपतित होता है जिसकी देहली आवृत्ति (threshold frequency) $f_0$ है। यदि आवृत्ति को आधा कर दिया जाए और तीव्रता को दोगुना कर दिया जाए,तो प्रकाश-विद्युत धारा क्या होगी?

  • A
    एक-चौथाई
  • B
    दोगुनी
  • C
    आधी
  • D
    शून्य

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एक फोटोसेल $1 \ m$ की दूरी पर रखे गए स्रोत से प्रकाश प्राप्त कर रहा है। यदि उसी स्रोत को $2 \ m$ की दूरी पर रखा जाए,तो उत्सर्जित इलेक्ट्रॉन:

कथन: धातु की सतह पर आपतित एकवर्णी प्रकाश पुंज द्वारा उत्पन्न फोटोइलेक्ट्रॉन की गतिज ऊर्जा में फैलाव (spread) होता है।
कारण: धातु का कार्य फलन (work function) उसका अभिलाक्षणिक गुण है।

एक फोटोइलेक्ट्रिक सेल के सिरों पर एक परिवर्तनीय विभवांतर का स्रोत जोड़ा जाता है और फोटोइलेक्ट्रिक धारा को आरोपित विभवांतर के विरुद्ध आलेखित किया जाता है। टूटी हुई रेखा वाला ग्राफ धारा बनाम आरोपित विभवांतर का प्रारंभिक वक्र दर्शाता है। यदि आपतित प्रकाश की आवृत्ति बढ़ाई जाती है और इसकी तीव्रता कम कर दी जाती है, तो अब कौन सा वक्र स्थिति को दर्शाता है?

Difficult
View Solution

जब पीला प्रकाश किसी सतह पर आपतित होता है,तो कोई इलेक्ट्रॉन उत्सर्जित नहीं होते हैं,जबकि हरा प्रकाश उन्हें उत्सर्जित कर सकता है। यदि लाल प्रकाश सतह पर आपतित होता है,तो:

यदि धातु की सतह पर आपतित प्रकाश की तीव्रता कम कर दी जाए,तो . . . . . .

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