(N/A) न्यूटन के गति के दूसरे नियम के अनुसार, $F = ma$, जिसका अर्थ है $a = F/m$। यदि बल $F$ स्थिर रहता है और द्रव्यमान $m$ दोगुना $(2m)$ हो जाता है, तो नया त्वरण $a' = F/(2m) = a/2$ होगा। अतः, त्वरण आधा हो जाता है।
$(b)$ संवेग द्रव्यमान और वेग का गुणनफल है $(p = mv)$। चूंकि टेनिस की गेंद का द्रव्यमान क्रिकेट की गेंद से कम होता है, इसलिए समान गति पर उसका संवेग कम होता है। इसलिए, उसे रोकने के लिए कम बल की आवश्यकता होती है, जिससे उसे रोकना आसान हो जाता है।
$(c)$ संवेग संरक्षण के नियम के अनुसार, चूंकि कोई बाहरी असंतुलित बल कार्य नहीं कर रहा है, इसलिए अंतःक्रिया से पहले का कुल संवेग और अंतःक्रिया के बाद का कुल संवेग बराबर होता है।
प्रारंभिक संवेग = $(m_{\text{लड़की}} \times v_{\text{लड़की}}) + (m_{\text{गाड़ी}} \times v_{\text{गाड़ी}}) = (40 \times 5) + (10 \times 0) = 200 \, kg \, m s^{-1}$।
अंतिम संवेग = $(m_{\text{लड़की}} + m_{\text{गाड़ी}}) \times v_{\text{अंतिम}} = (40 + 10) \times v = 50v$।
दोनों को बराबर करने पर: $50v = 200$।
$v = 200 / 50 = 4 \, m s^{-1}$।