$(100 \ kg \ m \ s^{-1})$ $(i)$ किसी वस्तु के द्रव्यमान और वेग के गुणनफल को उसका संवेग कहते हैं। संवेग का $SI$ मात्रक $kg \ m \ s^{-1}$ है।
$(ii)$ वस्तु का द्रव्यमान, $m = 10 \ kg$.
ऊँचाई, $h = 5 \ m$.
गुरुत्वीय त्वरण, $g = 10 \ m \ s^{-2}$.
वस्तु का प्रारंभिक वेग, $u = 0$.
गति के तीसरे समीकरण के अनुसार, $v^2 - u^2 = 2gh$.
$v^2 - 0^2 = 2 \times 10 \times 5$.
$v^2 = 100$.
$v = 10 \ m \ s^{-1}$.
फर्श पर स्थानांतरित संवेग = संवेग में परिवर्तन = $mv - mu$.
$= (10 \times 10) - (10 \times 0) = 100 \ kg \ m \ s^{-1}$.
$(iii)$ कराटे खिलाड़ी टाइलों को तोड़ने के लिए अपने हाथ को बहुत तेज गति से चलाता है। ऐसा करने से, उसके हाथ का बड़ा संवेग बहुत कम समय में शून्य हो जाता है। न्यूटन के गति के दूसरे नियम के अनुसार, $F = \frac{\Delta p}{\Delta t}$, चूंकि समय अंतराल $\Delta t$ बहुत कम होता है, इसलिए टाइलों पर लगने वाला बल $F$ बहुत अधिक हो जाता है, जो उन्हें तोड़ने के लिए पर्याप्त होता है।