(N/A) जीवाश्म ईंधन के जलने से $CO$, $CO_2$, $SO_2$, $NO_2$ जैसी गैसें और बिना जले कार्बन कण या हाइड्रोकार्बन निकलते हैं, जिन्हें आमतौर पर निलंबित कण (suspended particulate matter) कहा जाता है।
$(i)$ $CO_2$ की अधिक मात्रा ग्लोबल वार्मिंग का कारण बनती है।
$(ii)$ $SO_2$ और $NO_2$ की अधिक मात्रा अम्लीय वर्षा (acid rain) का कारण बनती है, जो फसलों और संगमरमर से बनी इमारतों को नुकसान पहुँचाती है।
$(b)$ धूल को प्रदूषक माना जाता है क्योंकि:
$(i)$ यह दृश्यता को कम करती है और जल वाष्प के लिए संघनन केंद्र के रूप में कार्य करती है, जिससे स्मॉग (smog) का निर्माण होता है।
$(ii)$ धूल भरी हवा में सांस लेने से श्वसन संबंधी एलर्जी, फेफड़ों का कैंसर और हृदय रोगों की संभावना बढ़ जाती है।