(N/A) पीड़क पौधों पर जिन तीन तरीकों से हमला करते हैं,वे इस प्रकार हैं:
$(i)$ वे जड़,तने और पत्तियों को काट देते हैं।
$(ii)$ वे पौधे के विभिन्न भागों से कोशिका रस (cell sap) चूस लेते हैं।
$(iii)$ वे तने और फल में छेद कर देते हैं।
$(b)$ पीड़क को नियंत्रित करने के लिए उपयोग किए जाने वाले रसायनों को सामूहिक रूप से पीड़कनाशी (pesticides) कहा जाता है (जैसे- कीटनाशक,शाकनाशी या कवकनाशी)।
$(c)$ इन रसायनों का अत्यधिक उपयोग नहीं करना चाहिए क्योंकि:
$(i)$ ये जहरीले होते हैं और मनुष्यों तथा जानवरों सहित अन्य लाभकारी जीवों के लिए हानिकारक हो सकते हैं।
$(ii)$ ये मिट्टी और जल स्रोतों को दूषित करके पर्यावरणीय प्रदूषण फैलाते हैं।
$(iii)$ समय के साथ पीड़क इन रसायनों के प्रति प्रतिरोधी बन सकते हैं,जिससे ये रसायन अप्रभावी हो जाते हैं।