(N/A) $(a) (i)$ यह नील्स बोर का परमाणु मॉडल है।
$(ii)$ बोर के मॉडल की अभिधारणाएँ:
$1$. परमाणु के केंद्र में एक धनावेशित नाभिक होता है।
$2$. इलेक्ट्रॉन नाभिक के चारों ओर निश्चित वृत्ताकार पथों में घूमते हैं जिन्हें कोश या कक्षा कहा जाता है,जिन्हें $K, L, M, N, \dots$ या $1, 2, 3, 4$ के रूप में नामित किया गया है।
$3$. कोशों को ऊर्जा स्तर भी कहा जाता है क्योंकि प्रत्येक कोश एक निश्चित मात्रा में ऊर्जा से जुड़ा होता है। इलेक्ट्रॉन एक विशिष्ट कोश में घूमते समय ऊर्जा का ह्रास या लाभ नहीं करते हैं।
$(iii)$ किसी कोश में इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम संख्या $2n^2$ सूत्र द्वारा दी जाती है। $M$ कोश के लिए $n = 3$ है,इसलिए इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम संख्या $2(3)^2 = 2 \times 9 = 18$ है।
$(b)$ कैनाल किरणें धनावेशित विकिरण हैं जो धनावेशित कणों से बनी होती हैं। इनकी खोज $E. \text{ Goldstein}$ ने की थी।
कैनाल किरणों की विशेषताएँ:
$1$. इनमें धनावेशित कण होते हैं।
$2$. ये सीधी रेखा में गमन करती हैं।
$3$. इनका आवेश परिमाण में इलेक्ट्रॉन के आवेश के बराबर लेकिन विपरीत चिह्न का होता है।