(N/A) 'He' का परमाणु क्रमांक $2$ है,इसलिए इसके $K$-कोश में $2$ इलेक्ट्रॉन होते हैं,जो कि प्रथम ऊर्जा स्तर है और इसकी अधिकतम क्षमता $2$ इलेक्ट्रॉन रखने की है। अतः,इसका संयोजकता कोश पूर्णतः भरा हुआ है,जिससे यह एक उत्कृष्ट गैस है। इसके विपरीत,'Be' का परमाणु क्रमांक $4$ है और इसका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास $2, 2$ है। इसके $L$-कोश में $2$ इलेक्ट्रॉन हैं,जिसकी क्षमता $8$ इलेक्ट्रॉन रखने की है। चूंकि इसका संयोजकता कोश अपूर्ण है,इसलिए 'Be' $2$ की संयोजकता वाली धातु के रूप में कार्य करता है।
$(b)$ हाइड्रोजन तीन समस्थानिक रूपों में पाया जाता है: प्रोटियम $({ }_{1}^{1} H)$,ड्यूटेरियम (${ }_{1}^{2} H$ या $D$),और ट्रिटियम (${ }_{1}^{3} H$ या $T$)। तीनों समस्थानिकों का परमाणु क्रमांक $1$ समान है,जिसका अर्थ है कि उनका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास ($K$-कोश में $1$ इलेक्ट्रॉन) समान है। चूंकि किसी तत्व के रासायनिक गुण उसके इलेक्ट्रॉनिक विन्यास द्वारा निर्धारित होते हैं,इसलिए हाइड्रोजन के सभी समस्थानिक रासायनिक रूप से समान व्यवहार प्रदर्शित करते हैं।