(N/A) दिया गया है: प्रतिबिंब दूरी $v = 100 \, cm$। चूंकि प्रतिबिंब वास्तविक और उल्टा है, इसलिए आवर्धन $m = -2$ होगा।
आवर्धन सूत्र $m = \frac{v}{u}$ का उपयोग करने पर, $-2 = \frac{100}{u}$, जिससे $u = -50 \, cm$ प्राप्त होता है।
अतः, वस्तु को लेंस के सामने $50 \, cm$ की दूरी पर रखा जाना चाहिए।
लेंस सूत्र $\frac{1}{f} = \frac{1}{v} - \frac{1}{u}$ का उपयोग करने पर, $\frac{1}{f} = \frac{1}{100} - \frac{1}{-50} = \frac{1+2}{100} = \frac{3}{100}$।
इसलिए, $f = \frac{100}{3} \, cm = \frac{1}{3} \, m$।
लेंस की क्षमता $P = \frac{1}{f(\text{मीटर में})} = \frac{1}{1/3} = 3 \, D$।
$(b)$ अपवर्तन के नियम निम्नलिखित हैं:
$1$. आपतित किरण, अपवर्तित किरण तथा दो माध्यमों के अंतरापृष्ठ के आपतन बिंदु पर अभिलंब, तीनों एक ही तल में होते हैं।
$2$. स्नेल का नियम: प्रकाश के किसी निश्चित रंग तथा माध्यमों के किसी निश्चित युग्म के लिए आपतन कोण की ज्या $(\sin i)$ तथा अपवर्तन कोण की ज्या $(\sin r)$ का अनुपात स्थिर होता है, अर्थात $\frac{\sin i}{\sin r} = \text{स्थिरांक}$।