(N/A) $(i)$ मोल: किसी भी स्पीशीज (परमाणु,अणु,आयन या कण) का एक मोल वह संख्या है जो आवोगाद्रो स्थिरांक $(6.022 \times 10^{23})$ के बराबर होती है और जिसका द्रव्यमान ग्राम में उसके परमाणु या आण्विक द्रव्यमान के बराबर होता है।
$(ii)$ ग्राम परमाणु द्रव्यमान: किसी तत्व के एक मोल परमाणुओं का ग्राम में व्यक्त द्रव्यमान।
$(iii)$ ग्राम आण्विक द्रव्यमान: किसी पदार्थ के एक मोल अणुओं का ग्राम में व्यक्त द्रव्यमान,जो अणु में उपस्थित सभी परमाणुओं के परमाणु द्रव्यमानों का योग होता है।
$(b)$ $(i)$ $CO_2$ का मोलर द्रव्यमान $(12 + 2 \times 16) = 44 \text{ g/mol}$ है। अतः,$2$ मोल $CO_2$ का द्रव्यमान $2 \times 44 = 88 \text{ g}$ होगा।
$(ii)$ चूंकि $6.022 \times 10^{23}$ अणु $CO_2$ के $1$ मोल को दर्शाते हैं,इसलिए इसका द्रव्यमान इसके मोलर द्रव्यमान के बराबर यानी $44 \text{ g}$ होगा।