(N/A) एकसंकर संकरण दो ऐसे जनकों के बीच का संकरण है जो केवल एक जोड़ी विपरीत लक्षणों में भिन्न होते हैं। यह $F_{2}$ पीढ़ी में $3:1$ का लक्षणप्ररूपी अनुपात देता है। द्विसंकर संकरण दो ऐसे जनकों के बीच का संकरण है जो दो जोड़ी विपरीत लक्षणों में भिन्न होते हैं। यह $F_{2}$ पीढ़ी में $9:3:3:1$ का लक्षणप्ररूपी अनुपात देता है।
$(b)$ मेंडल ने एक शुद्ध लंबे मटर के पौधे $(TT)$ और एक शुद्ध बौने मटर के पौधे $(tt)$ को लेकर एकसंकर संकरण किया।
जब इन पौधों का पर-परागण कराया गया,तो $F_{1}$ पीढ़ी की सभी संतति लंबी $(Tt)$ पाई गई।
चूंकि $F_{1}$ पीढ़ी में बौनेपन के जीन होने के बावजूद केवल लंबेपन का लक्षण ही अभिव्यक्त हुआ,इसलिए मेंडल ने निष्कर्ष निकाला कि लंबापन एक प्रभावी लक्षण है और बौनापन एक अप्रभावी लक्षण है।