(N/A) बीज प्रसुप्ति को प्राकृतिक प्रक्रियाओं या मानव-निर्मित गतिविधियों के माध्यम से तोड़ा जा सकता है:
$1$. यांत्रिक स्कारिफिकेशन (Mechanical Scarification): यदि बीज का आवरण अभेद्य है, तो इसे सैंडपेपर से रगड़कर या यांत्रिक दबाव का उपयोग करके छिद्रित किया जा सकता है।
$2$. भौतिक विधियाँ: बीजों को जोर से हिलाने से भी प्रसुप्ति को तोड़ने में मदद मिलती है।
$3$. सूक्ष्मजीवी क्रिया: प्रकृति में, सूक्ष्मजीवों की गतिविधि बीज आवरण को विघटित करने में मदद करती है, जिससे प्रसुप्ति टूट जाती है।
$4$. पाचन तंत्र: बीजों को जानवरों के पाचन तंत्र से गुजारने पर, पाचक एंजाइमों की क्रिया के कारण बीज का आवरण नरम हो जाता है और प्रसुप्ति समाप्त हो जाती है।
$5$. रासायनिक उपचार: $Gibberellic \text{ } Acid$ $(GA_3)$ या नाइट्रेट जैसे रसायनों का उपयोग करके प्रसुप्ति को तोड़ा जा सकता है, जो विकास अवरोधकों के प्रभाव को बेअसर करते हैं।
$6$. पर्यावरणीय कारक: प्रकाश, तापमान और शीतलन (chilling) उपचार जैसी पर्यावरणीय स्थितियों में बदलाव करके बीज प्रसुप्ति को प्रभावी ढंग से दूर किया जा सकता है।