(N/A) फिनोल के औद्योगिक निर्माण में प्रयुक्त प्रारंभिक पदार्थ क्यूमीन (आइसोप्रोपिलबेन्जीन) है।
$(B)$ फिनोल का ब्रोमीनीकरण:
$1$. जलीय माध्यम में ($Br_2$ जल का उपयोग करके): फिनोल ब्रोमीन जल के साथ अभिक्रिया करके $2,4,6$-ट्राइब्रोमोफिनोल का सफेद अवक्षेप देता है।
$C_6H_5OH + 3Br_2(aq) \rightarrow C_6H_2(OH)Br_3 + 3HBr$
$2$. गैर-जलीय माध्यम में ($CS_2$ या $CHCl_3$ का उपयोग करके): फिनोल $Br_2$ के साथ अभिक्रिया करके $o$-ब्रोमोफिनोल और $p$-ब्रोमोफिनोल का मिश्रण देता है।
$C_6H_5OH + Br_2 \xrightarrow{CS_2, 298 K} C_6H_4(OH)Br (ortho) + C_6H_4(OH)Br (para)$
$(C)$ लुईस अम्ल की आवश्यकता नहीं होती है क्योंकि फिनोल में $-OH$ समूह एक प्रबल सक्रियकारी समूह है। यह बेन्जीन वलय में इलेक्ट्रॉन घनत्व को इतना बढ़ा देता है कि इलेक्ट्रॉनरागी प्रतिस्थापन अभिक्रिया लुईस अम्ल उत्प्रेरक की अनुपस्थिति में भी आसानी से हो जाती है।