(N/A) क्रियाविधि: ऐनिसोल की फ्रीडल-क्राफ्ट्स अभिक्रियाएँ इलेक्ट्रॉनरागी एरोमैटिक प्रतिस्थापन $(S_{E}Ar)$ क्रियाविधि द्वारा होती हैं।
$(a)$ ऐनिसोल का ऐल्काइलेशन:
$(i)$ अभिकर्मक: $CH_{3}Cl$ (क्लोरोमेथेन)
$(ii)$ उत्प्रेरक: $CS_{2}$ विलायक में निर्जल ऐलुमिनियम क्लोराइड $(AlCl_{3})$।
$(iii)$ अभिक्रिया: मिथाइल (ऐल्काइल) समूह $-OCH_{3}$ समूह के ऑर्थो और पैरा-स्थान पर जुड़ता है।
$(iv)$ उत्पाद: मुख्य उत्पाद $4$-मेथॉक्सीटोल्यूईन और गौण उत्पाद $2$-मेथॉक्सीटोल्यूईन बनता है।
$(b)$ ऐनिसोल का फ्रीडल-क्राफ्ट्स $(F.C.)$ ऐसाइलेशन:
$(i)$ अभिक्रिया: ऐनिसोल के ऐसाइलेशन में,ऐसाइल $(-COCH_{3})$ समूह,बेंजीन वलय में $-OCH_{3}$ के ऑर्थो और पैरा स्थान पर $S_{E}Ar$ प्रतिस्थापन अभिक्रिया द्वारा प्रवेश करता है।
$(ii)$ अभिकर्मक: इथेनॉयल क्लोराइड $(CH_{3}COCl)$ और ऐसाइल हैलाइड $(RCOCl)$।
$(iii)$ उत्प्रेरक: लुईस अम्ल निर्जल ऐलुमिनियम क्लोराइड $(AlCl_{3})$।
$(iv)$ उत्पाद: इस अभिक्रिया में ऐसाइल समूह $(-COCH_{3})$ जुड़ता है,जो $-OCH_{3}$ के ऑर्थो तथा पैरा स्थान पर जुड़कर मुख्य उत्पाद $4$-मेथॉक्सीऐसीटोफिनोन तथा अल्प उत्पाद $2$-मेथॉक्सीऐसीटोफिनोन बनाता है।