(N/A) अल्कोहल के निर्जलीकरण द्वारा ईथर का निर्माण अभिक्रिया की स्थितियों,विशेष रूप से तापमान और अल्कोहल की प्रकृति पर निर्भर करता है।
$1.$ $1^{\circ}$ अल्कोहल का निर्जलीकरण: अल्कोहल को $H_2SO_4$ या $H_3PO_4$ जैसे प्रोटिक एसिड की उपस्थिति में गर्म करने पर ईथर प्राप्त होता है।
$2.$ उदाहरण: इथेनॉल $(CH_3CH_2OH)$ का निर्जलीकरण:
- सांद्र $H_2SO_4$ की उपस्थिति में $443 \ K$ तापमान पर,इथेनॉल $\beta$-विलोपन अभिक्रिया द्वारा मुख्य उत्पाद के रूप में एथीन $(CH_2=CH_2)$ देता है।
- सांद्र $H_2SO_4$ की उपस्थिति में $413 \ K$ तापमान पर,इथेनॉल द्वि-आण्विक नाभिकरागी प्रतिस्थापन $(S_N2)$ अभिक्रिया द्वारा मुख्य उत्पाद के रूप में एथॉक्सीइथेन $(C_2H_5-O-C_2H_5)$ देता है।
ईथर निर्माण की क्रियाविधि $(S_N2)$:
चरण $1$: अल्कोहल का प्रोटोनीकरण: $CH_3CH_2OH + H^+ \rightarrow CH_3CH_2OH_2^+$
चरण $2$: अल्कोहल के दूसरे अणु द्वारा नाभिकरागी आक्रमण: $CH_3CH_2OH + CH_3CH_2OH_2^+ \rightarrow CH_3CH_2-O^+(H)-CH_2CH_3 + H_2O$
चरण $3$: डीप्रोटोनीकरण: $CH_3CH_2-O^+(H)-CH_2CH_3 \rightarrow CH_3CH_2-O-CH_2CH_3 + H^+$