(N/A) एराइल हैलाइड की धातुओं के साथ तीन मुख्य अभिक्रियाएँ होती हैं: $(a)$ वुर्ट्ज़-फिटिग अभिक्रिया,$(b)$ फिटिग अभिक्रिया,और $(c)$ ग्रिग्नार्ड अभिक्रिया।
$(a)$ वुर्ट्ज़-फिटिग अभिक्रिया: जब एल्काइल हैलाइड और एराइल हैलाइड के मिश्रण को शुष्क ईथर में सोडियम धातु के साथ उपचारित किया जाता है,तो एल्काइल एरीन बनता है। इसे वुर्ट्ज़-फिटिग अभिक्रिया कहते हैं।
उदाहरण: $C_6H_5X + RX + 2Na \xrightarrow{\text{dry ether}} C_6H_5R + 2NaX$
$(b)$ फिटिग अभिक्रिया: जब एराइल हैलाइड को शुष्क ईथर में सोडियम धातु के साथ उपचारित किया जाता है,तो दो एराइल समूह आपस में जुड़कर डायराइल यौगिक बनाते हैं। इसे फिटिग अभिक्रिया कहते हैं।
उदाहरण: $2C_6H_5X + 2Na \xrightarrow{\text{dry ether}} C_6H_5-C_6H_5 + 2NaX$
$(c)$ ग्रिग्नार्ड अभिक्रिया: एराइल हैलाइड शुष्क ईथर की उपस्थिति में मैग्नीशियम धातु के साथ अभिक्रिया करके एराइल मैग्नीशियम हैलाइड (ग्रिग्नार्ड अभिकर्मक) बनाते हैं।
उदाहरण: $C_6H_5X + Mg \xrightarrow{\text{dry ether}} C_6H_5MgX$