(N/A) कार्ब-धात्विक यौगिक: जिन यौगिकों में कार्बन परमाणु धातु परमाणु से जुड़ा होता है,उन्हें 'कार्ब-धात्विक' यौगिक कहा जाता है। अधिकांश कार्बनिक क्लोराइड,ब्रोमाइड और आयोडाइड सक्रिय धातुओं के साथ अभिक्रिया करके ऐसे यौगिक बनाते हैं।
$(b)$ ग्रिग्नार्ड अभिकर्मक: कार्बनिक हैलाइड यौगिकों की शुष्क ईथर में मैग्नीशियम धातु के साथ अभिक्रिया कराने पर एल्किल मैग्नीशियम हैलाइड $(RMgX)$ बनता है,जिसे ग्रिग्नार्ड अभिकर्मक कहते हैं।
$R - X + Mg \xrightarrow{\text{dry ether}} R^{-\delta} - Mg^{+\delta} - X^{-\delta}$
$CH_3CH_2Br + Mg \xrightarrow{\text{dry ether}} CH_3CH_2MgBr$
विक्टर ग्रिग्नार्ड ने $1900$ में $RMgX$ की खोज की थी। यह कार्ब-धात्विक यौगिकों का एक प्रकार है।
$(c)$ अभिक्रियाशीलता और अभिक्रियाएं: ग्रिग्नार्ड अभिकर्मक में कार्बन-मैग्नीशियम बंध ध्रुवीय $(R^{-\delta} - Mg^{+\delta} - X^{-\delta})$ होता है क्योंकि मैग्नीशियम एक धन-विद्युतीय धातु है। कार्बन परमाणु मैग्नीशियम से इलेक्ट्रॉन खींचता है,जिससे कार्बन आंशिक रूप से ऋणात्मक हो जाता है। यह इसे अत्यधिक अभिक्रियाशील बनाता है।
ग्रिग्नार्ड अभिकर्मक प्रोटॉन के स्रोत के साथ अभिक्रिया करके हाइड्रोकार्बन बनाते हैं:
$RMgX + H^+ \xrightarrow{OH^-} RH + Mg(OH)X$
वे पानी,अल्कोहल $(R'OH)$ और एमाइन $(R'NH_2, R'_2NH)$ के साथ अभिक्रिया करते हैं,जो प्रोटॉन दाता के रूप में कार्य करते हैं।
$RMgX + H_2O \rightarrow RH + Mg(OH)X$
उदाहरण: $CH_3Br + Mg$ $\rightarrow CH_3MgBr$ $\xrightarrow{H_2O} CH_4 + Mg(OH)Br$