(N/A) प्रतिबिंब रूपी (Enantiomers): वे त्रिविम समावयवी जो एक-दूसरे के अध्यारोपित न होने वाले दर्पण प्रतिबिंब होते हैं,उन्हें प्रतिबिंब रूपी (Enantiomers) कहा जाता है। वे कायरल (chiral) होते हैं।
$(b)$ उदाहरण:
$(i)$ ब्यूटेन-$2$-ऑल $(CH_3CH(OH)CH_2CH_3)$
$(ii)$ $2$-क्लोरोब्यूटेन $(CH_3CHClCH_2CH_3)$
$(iii)$ $2,3$-डाईहाइड्रॉक्सी प्रोपेनल $(OHC-CH(OH)-CH_2OH)$
$(iv)$ ब्रोमोक्लोरोआयोडोमीथेन $(BrClCHI)$
$(v)$ $2$-ब्रोमोप्रोपेनोइक अम्ल $(CH_3CHBrCOOH)$
$(c)$ प्रतिबिंब रूपी के गुण:
$(i)$ ऐसे समावयवियों के भौतिक गुण जैसे गलनांक,क्वथनांक,विलेयता और अपवर्तनांक समान होते हैं।
$(ii)$ उनके रासायनिक गुण भी समान होते हैं।
$(iii)$ प्रतिबिंब रूपी केवल समतल ध्रुवित प्रकाश के घूर्णन के संदर्भ में भिन्न होते हैं।
$\Rightarrow$ यदि एक समावयवी दक्षिण-ध्रुवण घूर्णक $(d)$ या $(+)$ है,तो दूसरा वाम-ध्रुवण घूर्णक $(l)$ या $(-)$ होता है।
$\Rightarrow$ ये दो समावयवी समतल ध्रुवित प्रकाश को समान परिमाण में लेकिन विपरीत दिशाओं में घुमाते हैं। इस कारण से दो प्रतिबिंब रूपी के समान अनुपात वाले मिश्रण का घूर्णन शून्य होता है,जिसे 'रेसिमिक मिश्रण' कहा जाता है। रेसिमिक मिश्रण को $dl$ या $(\pm)$ उपसर्ग द्वारा दर्शाया जाता है।