(N/A) फिंकेलस्टीन अभिक्रिया (अल्काइल क्लोराइड/ब्रोमाइड से अल्काइल आयोडाइड बनाने की विधि): अल्काइल क्लोराइड या ब्रोमाइड की शुष्क एसीटोन में $NaI$ के साथ अभिक्रिया कराने पर अल्काइल आयोडाइड बनते हैं।
"अल्काइल क्लोराइड या ब्रोमाइड की $NaI$ के साथ शुष्क एसीटोन में अभिक्रिया कराकर आयोडाइड बनाने की इस प्रक्रिया को 'फिंकेलस्टीन' अभिक्रिया कहते हैं।"
अभिक्रिया: $R-X + NaI \xrightarrow{\text{dry acetone}} R-I + NaX(s)$
(जहाँ,$X = Cl, Br$).
इसमें बनने वाले $NaCl$ या $NaBr$ ठोस अवक्षेप के रूप में प्राप्त होते हैं,जिससे वे प्रणाली से बाहर निकल जाते हैं और ला-शातेलिए के सिद्धांत के अनुसार अग्र अभिक्रिया आगे बढ़ती है।
$(b)$ स्वार्ट्स अभिक्रिया (अल्काइल क्लोराइड/ब्रोमाइड से अल्काइल फ्लोराइड बनाने की विधि): अल्काइल क्लोराइड या ब्रोमाइड को धात्विक फ्लोराइड जैसे $AgF$,$Hg_2F_2$,$CoF_2$ या $SbF_3$ के साथ गर्म किया जाता है।
"अल्काइल क्लोराइड/ब्रोमाइड को धात्विक फ्लोराइड के साथ गर्म करने पर अल्काइल फ्लोराइड बनते हैं। इस अभिक्रिया को स्वार्ट्स अभिक्रिया कहते हैं।"
अभिक्रिया: $H_3C-Br + AgF \rightarrow H_3C-F + AgBr$