(N/A) होमोलेप्टिक कार्बोनिल वे धातु कार्बोनिल हैं जिनमें केवल कार्बोनिल $(CO)$ लिगेंड धातु परमाणु से जुड़े होते हैं।
ये यौगिक अधिकांश संक्रमण धातुओं द्वारा बनते हैं। इन कार्बोनिलों की संरचना सरल और सुव्यवस्थित होती है। $[Ni(CO)_4]$,$[Fe(CO)_5]$,और $[Cr(CO)_6]$ की ज्यामिति क्रमशः चतुष्फलकीय,त्रिकोणीय द्विपिरामिडीय और अष्टफलकीय होती है।
डेकाकार्बोनिलडाइमैंगनीज $(0)$,$[Mn_2(CO)_{10}]$,दो वर्ग पिरामिडीय $[Mn(CO)_5]$ इकाइयों के $Mn-Mn$ बंध द्वारा जुड़ने से बनता है। ऑक्टाकार्बोनिलडाइकोबाल्ट $(0)$,$[Co_2(CO)_8]$,में $Co-Co$ बंध दो $CO$ समूहों द्वारा सेतुबंधित होता है।
धातु कार्बोनिल में,धातु-कार्बन बंध में $\sigma$ और $\pi$ दोनों लक्षण होते हैं। $M-C$ $\sigma$ बंध कार्बोनिल कार्बन के एकाकी इलेक्ट्रॉन युग्म के धातु के रिक्त कक्षक में दान से बनता है।
$M-C$ $\pi$ बंध धातु के भरे हुए $d$-कक्षक से $CO$ के रिक्त प्रति-आबंधी $\pi^*$ कक्षक में इलेक्ट्रॉन युग्म के दान से बनता है। धातु से लिगेंड की ओर का आबंधन एक सहक्रियात्मक (synergic) प्रभाव उत्पन्न करता है,जो धातु और $CO$ के बीच के बंध को मजबूत बनाता है।