(N/A) वातावरण में $SO_2$ का $SO_3$ में रूपांतरण प्रकाश-रासायनिक या गैर-प्रकाश-रासायनिक प्रक्रियाओं के माध्यम से होता है।
$1$. प्रकाश-रासायनिक प्रक्रिया: $SO_2$ के अणु निकट-पराबैंगनी $(UV)$ क्षेत्र में प्रकाश को अवशोषित करते हैं और ओजोन $(O_3)$ के साथ प्रतिक्रिया करते हैं:
$SO_2 + O_3 \xrightarrow{h\nu} SO_3 + O_2$
$2SO_2 + O_2 \xrightarrow{h\nu} 2SO_3$
$2$. गैर-प्रकाश-रासायनिक प्रक्रिया: कणों (धूल) की उपस्थिति में,$SO_2$ वायुमंडलीय ऑक्सीजन के साथ प्रतिक्रिया करता है:
$2SO_2 + O_2 \rightarrow 2SO_3$
$3$. $NO_2$ की भूमिका: सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में,$NO_2$ का प्रकाश-अपघटन (photolysis) होकर $NO$ और एक सक्रिय ऑक्सीजन परमाणु उत्पन्न होता है:
$NO_2 \xrightarrow{h\nu} NO + [O]$
यह अत्यधिक सक्रिय ऑक्सीजन परमाणु $O_2$ के साथ प्रतिक्रिया करके ओजोन $(O_3)$ बनाता है:
$O_2 + [O] + M \rightarrow O_3 + M$
(जहाँ $M$ एक तीसरा निकाय जैसे $N_2$ है जो अतिरिक्त ऊर्जा को अवशोषित करता है)।