(N/A) सिद्धांत: यह विधि एक उपयुक्त अधिशोषक पर मिश्रण के विभिन्न घटकों के अलग-अलग मात्रा में होने वाले अधिशोषण पर आधारित है।
$(b)$ अधिशोषक: वह ठोस पदार्थ जिसकी सतह पर घटकों का अधिशोषण होता है,उसे अधिशोषक कहा जाता है। उदाहरण के लिए $Silica \ gel$ और $Alumina$। यह स्थिर प्रावस्था के रूप में कार्य करता है।
$(c)$ गतिशील प्रावस्था: वह तरल विलायक या गैस जो स्थिर प्रावस्था (अधिशोषक) के ऊपर से गुजरती है और मिश्रण के घटकों को ले जाती है,उसे गतिशील प्रावस्था कहा जाता है।
$(d)$ अधिशोष्य: वह पदार्थ या पदार्थों का मिश्रण जो अधिशोषक की सतह पर अधिशोषित होता है,उसे अधिशोष्य कहा जाता है। ये घटक स्थिर प्रावस्था और गतिशील प्रावस्था के प्रति अपने आकर्षण के आधार पर अलग-अलग दर से स्थानांतरित होते हैं,जिससे उनका पृथक्करण होता है।