परमाण्वीय कक्षकों के संकरण का क्या अर्थ है?

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(N/A) $CH_4$,$NH_3$ और $H_2O$ जैसे बहुपरमाण्वीय अणुओं के विशिष्ट ज्यामितीय आकारों को समझाने के लिए,पॉलिंग ने परमाणु कक्षकों के संकरण की अवधारणा प्रस्तुत की।
पॉलिंग की परिभाषा: उनके अनुसार,परमाणु कक्षक मिलकर समान ऊर्जा वाले कक्षकों का एक सेट बनाते हैं,जिन्हें 'संकर कक्षक' (hybrid orbitals) कहा जाता है।
शुद्ध कक्षकों के बजाय इन संकर कक्षकों का उपयोग बंध निर्माण में किया जाता है। समान ऊर्जा और समान आकार वाले कक्षकों के नए सेट के निर्माण की इस प्रक्रिया को 'संकरण' (hybridization) कहते हैं।
उदाहरण: कार्बन का एक $2s$ और तीन $2p$ कक्षक मिश्रित होकर संकरित होते हैं और समान आकार के चार नए $sp^3$ संकर कक्षक बनाते हैं।

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