(A) संतुलित रासायनिक समीकरण $A + B_2 \to AB_2$ है। रससमीकरणमिति (stoichiometry) के अनुसार,$A$ का $1$ परमाणु $B_2$ के $1$ अणु के साथ अभिक्रिया करता है।
$(i)$ $A$ के $300$ परमाणुओं के लिए $B_2$ के $300$ अणुओं की आवश्यकता होती है। यहाँ $B_2$ के $200$ अणु होने के कारण,$B_2$ सीमांत अभिकर्मक है।
$(ii)$ $A$ के $2 \ mol$ के लिए $B_2$ के $2 \ mol$ की आवश्यकता होती है। यहाँ $B_2$ के $3 \ mol$ होने के कारण,$A$ सीमांत अभिकर्मक है।
$(iii)$ $A$ के $100$ परमाणुओं के लिए $B_2$ के $100$ अणुओं की आवश्यकता होती है। दोनों रससमीकरणमितीय अनुपात में होने के कारण,कोई सीमांत अभिकर्मक नहीं है।
$(iv)$ $A$ के $5 \ mol$ के लिए $B_2$ के $5 \ mol$ की आवश्यकता होती है। यहाँ $B_2$ के $2.5 \ mol$ होने के कारण,$B_2$ सीमांत अभिकर्मक है।
$(v)$ $A$ के $2.5 \ mol$ के लिए $B_2$ के $2.5 \ mol$ की आवश्यकता होती है। यहाँ $B_2$ के $5 \ mol$ होने के कारण,$A$ सीमांत अभिकर्मक है।