स्तंभ-$I$ को स्तंभ-$II$ से सुमेलित कीजिए।
स्तंभ-$I$स्तंभ-$II$
$(1)$ कभी धनात्मक नहीं हो सकता।$(a)$ पलायन वेग
$(2)$ आकाशगंगाओं की स्थितिज ऊर्जा के ऋणात्मक होने का कारण।$(b)$ गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा
$(c)$ विभिन्न आकाशगंगाओं के बीच लगने वाला बल आकर्षण प्रकृति का होता है।

  • A
    $1-b, 2-c$
  • B
    $1-a, 2-c$
  • C
    $1-b, 2-a$
  • D
    $1-a, 2-b$

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$R$ त्रिज्या और $M$ द्रव्यमान वाले अर्धगोलाकार कटोरे के वक्रता केंद्र पर गुरुत्वाकर्षण विभव $V$ है।

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