(N/A) फिनोल में हाइड्रॉक्सिल $(-OH)$ समूह होता है।
फिनोल में $-OH$ समूह ऑक्सीजन पर मौजूद अपने एकाकी इलेक्ट्रॉन युग्म (lone pair) को अनुनाद (resonance) के माध्यम से वलय में दान करता है,जिससे वलय इलेक्ट्रॉन-समृद्ध हो जाता है और इलेक्ट्रॉनरागी प्रतिस्थापन अभिक्रियाओं के लिए सक्रिय हो जाता है। अतः,$-OH$ समूह एक 'सक्रियकारी' (activating) समूह है।
अनुनाद के कारण,$-OH$ समूह ऑर्थो और पैरा स्थितियों पर इलेक्ट्रॉन घनत्व बढ़ाता है। परिणामस्वरूप,इलेक्ट्रॉनरागी प्रतिस्थापन अभिक्रियाएं मुख्य रूप से इन $o, p$-स्थितियों पर होती हैं। इसलिए,$-OH$ समूह एक 'ऑर्थो-पैरा निर्देशक' (ortho-para directing) समूह है।
उदाहरण के लिए,फिनोल का नाइट्रीकरण और ब्रोमीनीकरण जैसी इलेक्ट्रॉनरागी प्रतिस्थापन अभिक्रियाएं हल्की परिस्थितियों में ऑर्थो और पैरा स्थितियों पर होती हैं। $-OH$ समूह के प्रबल सक्रियकारी प्रभाव के कारण,$2,4,6$-ट्राइब्रोमोफिनोल और $2,4,6$-ट्राइनाइट्रोफिनोल जैसे बहु-प्रतिस्थापित उत्पाद आसानी से बनाए जा सकते हैं।