(N/A) विकृत अल्कोहल,इथेनॉल $\left( C _{2} H _{5} OH \right)$ और मेथनॉल $\left( CH _{3} OH \right)$ का मिश्रण होता है।
प्रभाव: जब कोई व्यक्ति विकृत अल्कोहल का सेवन करता है,तो शरीर में मेथनॉल का ऑक्सीकरण होकर मेथेनल $\left( HCHO \right)$ और बाद में मेथेनोइक एसिड $\left( HCOOH \right)$ बनता है। यह प्रक्रिया गंभीर विषाक्तता पैदा करती है,जिससे अंधापन हो सकता है और मृत्यु भी हो सकती है।
उपचार: मेथनॉल विषाक्तता के उपचार में अंतःशिरा (intravenous) द्वारा तनु इथेनॉल दिया जाता है। इथेनॉल उस एंजाइम के लिए एक प्रतिस्पर्धी अवरोधक (competitive inhibitor) के रूप में कार्य करता है जो मेथनॉल के ऑक्सीकरण के लिए जिम्मेदार है। इससे शरीर को गुर्दों के माध्यम से मेथनॉल उत्सर्जित करने का समय मिल जाता है,जिससे विषाक्त मेथेनोइक एसिड का निर्माण रुक जाता है और रोगी की जान बच जाती है।