(N/A) अल्कोहल में $C-O$ बंध के टूटने से होने वाली अभिक्रियाएँ:
$(a)$ $HX$ के साथ अभिक्रिया और ल्यूकास परीक्षण:
$(i)$ अल्कोहल हाइड्रोजन हैलाइड $(HX)$ के साथ अभिक्रिया करके एल्किल हैलाइड बनाते हैं: $R-OH + HX \rightarrow R-X + H_2O$.
अल्कोहल की $HX$ के साथ अभिक्रियाशीलता का क्रम $3^{\circ} > 2^{\circ} > 1^{\circ}$ है।
$(ii)$ ल्यूकास परीक्षण: सांद्र $HCl$ और निर्जलीय $ZnCl_2$ के मिश्रण को ल्यूकास अभिकर्मक कहते हैं।
$3^{\circ}$ अल्कोहल तुरंत धुंधलापन (turbidity) उत्पन्न करते हैं।
$2^{\circ}$ अल्कोहल $5-10$ मिनट में धुंधलापन उत्पन्न करते हैं।
$1^{\circ}$ अल्कोहल कमरे के तापमान पर अभिक्रिया नहीं करते हैं।
$(b)$ $PX_3$ के साथ अभिक्रिया:
अल्कोहल फास्फोरस ट्राईहैलाइड ($PX_3$,जहाँ $X = Cl, Br$) के साथ अभिक्रिया करके एल्किल हैलाइड बनाते हैं: $3R-OH + PX_3 \rightarrow 3R-X + H_3PO_3$.
$(c)$ निर्जलीकरण अभिक्रियाएँ:
अम्ल उत्प्रेरक की उपस्थिति में (जैसे सांद्र $H_2SO_4$ या $H_3PO_4$) अल्कोहल का निर्जलीकरण होकर एल्कीन बनता है।
निर्जलीकरण की सुगमता का क्रम $3^{\circ} > 2^{\circ} > 1^{\circ}$ है।