(N/A) $1$. जब फर्श पर टाइलें लगाई जाती हैं,तो एक दोहराव वाला पैटर्न बनता है। यदि हम प्रत्येक टाइल पर एक विशिष्ट बिंदु (जैसे केंद्र) चिह्नित करें और टाइलों को अनदेखा करें,तो हमें बिंदुओं का एक समूह प्राप्त होता है। बिंदुओं का यह समूह एक ढांचा (scaffolding) है जिस पर पैटर्न बनाया जाता है। इस ढांचे को $Space \ Lattice$ (स्पेस लैटिस) कहा जाता है।
$2$. लैटिस के प्रत्येक बिंदु पर रखे जाने वाले संरचनात्मक इकाई (इस मामले में टाइल) को $Motif$ (मोटिफ) या $Basis$ कहा जाता है।
$3$. जब इन मोटिफ को स्पेस लैटिस के बिंदुओं पर रखा जाता है,तो क्रिस्टल संरचना उत्पन्न होती है। लैटिस उन बिंदुओं के पैटर्न का प्रतिनिधित्व करता है जो इन मोटिफ की स्थिति को दर्शाते हैं।
$4$. $Space \ Lattice$ एक क्रिस्टल संरचना के लिए एक काल्पनिक ढांचा है। जब मोटिफ को स्पेस लैटिस के प्रत्येक बिंदु पर समान रूप से रखा जाता है,तो वास्तविक क्रिस्टल संरचना प्राप्त होती है।
$5$. संक्षेप में,$Motif$ और $Space \ Lattice$ का संयोजन एक क्रिस्टल संरचना का निर्माण करता है।