(N/A) बैक्टीरिया में तीन मुख्य प्रकार के $RNA$ होते हैं: $m-RNA$, $t-RNA$ और $r-RNA$। ये तीनों कोशिका में प्रोटीन संश्लेषण के लिए आवश्यक हैं।
$m-RNA$ एक टेम्पलेट के रूप में कार्य करता है, $t-RNA$ अमीनो एसिड को लाने और आनुवंशिक कोड को पढ़ने का काम करता है, जबकि $r-RNA$ अनुवाद के दौरान संरचनात्मक और उत्प्रेरक भूमिका निभाता है।
बैक्टीरिया में केवल एक ही $DNA$-निर्भर $RNA$ पॉलीमरेज़ होता है जो सभी प्रकार के $RNA$ के अनुलेखन को उत्प्रेरित करता है।
बैक्टीरिया में अनुलेखन की प्रक्रिया तीन चरणों में होती है: दीक्षा (initiation), दीर्घीकरण (elongation) और समापन (termination)।
$1$. दीक्षा: $RNA$ पॉलीमरेज़ दीक्षा कारक $(\sigma)$ की मदद से $DNA$ पर प्रमोटर के साथ जुड़ता है, जो अनुलेखन प्रक्रिया को शुरू करता है।
$2$. दीर्घीकरण: $RNA$ पॉलीमरेज़ न्यूक्लियोटाइड ट्राइफॉस्फेट का उपयोग सब्सट्रेट के रूप में करता है और टेम्पलेट स्ट्रैंड के अनुसार उनका बहुलकीकरण करता है। यह $DNA$ हेलिक्स को खोलने और $RNA$ श्रृंखला के दीर्घीकरण में मदद करता है।
$3$. समापन: जब $RNA$ पॉलीमरेज़ टर्मिनेटर क्षेत्र तक पहुँचता है, तो नव-निर्मित $RNA$ और $RNA$ पॉलीमरेज़ अलग हो जाते हैं। यह समापन कारक $(\rho)$ द्वारा सुगम होता है।
बैक्टीरिया में, चूंकि $mRNA$ को किसी प्रसंस्करण की आवश्यकता नहीं होती है और अनुलेखन तथा अनुवाद एक ही कोशिका द्रव्य में होते हैं, इसलिए $mRNA$ के पूरी तरह से अनुलेखित होने से पहले ही अनुवाद शुरू हो सकता है।