(N/A) आलू,गन्ना,केला,अदरक और डहलिया जैसे पौधों में कायिक प्रवर्धन रूपांतरित तनों के माध्यम से होता है।
$1$. आलू: आलू के कंद (tuber) पर मौजूद 'आंखें' कक्षीय कलिकाएं (axillary buds) होती हैं,जो नए पौधों को जन्म देती हैं।
$2$. अदरक और केला: ये पौधे प्रकंद (rhizomes) के माध्यम से प्रवर्धित होते हैं,जहाँ रूपांतरित तने पर मौजूद पर्वसंधियां (nodes) नए प्ररोह (shoots) को जन्म देती हैं।
$3$. गन्ना: गन्ने में पर्वसंधियों वाले तने के टुकड़ों द्वारा प्रवर्धन होता है।
$4$. डहलिया: डहलिया में कंदिल जड़ों (tuberous roots) द्वारा प्रवर्धन होता है।
जब ये पर्वसंधियां नम मिट्टी या पानी के संपर्क में आती हैं,तो वे जड़ें और नए पौधे विकसित करती हैं। कायिक भागों से नए पौधे उत्पन्न करने की इस क्षमता का उपयोग माली और किसान इन पौधों की व्यावसायिक खेती और प्रवर्धन के लिए व्यापक रूप से करते हैं।