(N/A) कशेरुक दंड $26$ क्रमिक रूप से व्यवस्थित इकाइयों से बना होता है जिन्हें कशेरुक (vertebrae) कहते हैं और यह पृष्ठीय पक्ष पर स्थित होता है।
यह खोपड़ी के आधार से शुरू होकर धड़ का मुख्य ढांचा बनाता है।
प्रत्येक कशेरुक के केंद्र में एक खोखला भाग (तंत्रिका नाल) होता है जिससे मेरुरज्जु (spinal cord) गुजरती है।
कशेरुक दंड को निम्नलिखित क्षेत्रों में विभाजित किया गया है:
$(a)$ ग्रीवा कशेरुक $(7)$
$(b)$ वक्षीय कशेरुक $(12)$
$(c)$ कटि कशेरुक $(5)$
$(d)$ त्रिक कशेरुक ($1$ संलयित)
$(e)$ अनुत्रिक कशेरुक ($1$ संलयित)
प्रथम कशेरुक को एटलस (Atlas) कहते हैं जो पश्चकपाल कंदुक के साथ जुड़ता है। दूसरी कशेरुक को एक्सिस (Axis) कहते हैं।
कार्य: कशेरुक दंड मेरुरज्जु की रक्षा करता है,सिर को सहारा देता है और पसलियों तथा पीठ की मांसपेशियों के लिए जुड़ने का स्थान प्रदान करता है। यह खड़े होने या चलने के दौरान शरीर की मुद्रा (posture) बनाए रखने में मदद करता है।