(N/A) $(NH_4)_2SO_4 + FeSO_4 + 6H_2O \to FeSO_4 \cdot (NH_4)_2SO_4 \cdot 6H_2O$ (मोहर लवण)
$CuSO_4 + 4NH_3 + 5H_2O \to [Cu(NH_3)_4]SO_4 \cdot 5H_2O$ (टेट्राएमीनकॉपर$(II)$ सल्फेट)
दोनों यौगिक योगात्मक यौगिक हैं,लेकिन उनकी प्रकृति भिन्न है। पहला एक द्विक लवण है,जबकि दूसरा एक उपसहसंयोजन यौगिक है।
द्विक लवण ठोस अवस्था में स्थिर होते हैं लेकिन जलीय अवस्था में अपने घटक आयनों में वियोजित हो जाते हैं। अतः,$FeSO_4 \cdot (NH_4)_2SO_4 \cdot 6H_2O$ वियोजित होकर $Fe^{2+}$,$NH_4^+$,और $SO_4^{2-}$ आयन देता है,जिससे यह $Fe^{2+}$ का सकारात्मक परीक्षण देता है।
उपसहसंयोजन यौगिक ठोस और जलीय दोनों अवस्थाओं में अपनी पहचान बनाए रखते हैं। $[Cu(NH_3)_4]SO_4 \cdot 5H_2O$ में,$Cu^{2+}$ आयन स्थिर संकुल आयन $[Cu(NH_3)_4]^{2+}$ का हिस्सा होता है। चूंकि संकुल विलयन में मुक्त $Cu^{2+}$ आयन देने के लिए वियोजित नहीं होता है,इसलिए यह $Cu^{2+}$ का परीक्षण नहीं देता है।