(A) द्वितीयक सेलों की संख्या,$n = 6$.
प्रत्येक सेल का $emf$,$E = 2.0 \; V$.
प्रत्येक सेल का आंतरिक प्रतिरोध,$r = 0.015 \; \Omega$.
बाह्य प्रतिरोध,$R = 8.5 \; \Omega$.
चूंकि सेल श्रेणीक्रम में हैं,कुल $emf = nE$ और कुल आंतरिक प्रतिरोध $= nr$ होगा।
आपूर्ति से ली गई धारा $I = \frac{nE}{R + nr}$ द्वारा दी जाती है।
$I = \frac{6 \times 2.0}{8.5 + 6 \times 0.015} = \frac{12}{8.5 + 0.09} = \frac{12}{8.59} \approx 1.39 \; A$.
टर्मिनल वोल्टेज $V = IR = 1.39 \times 8.5 \approx 11.87 \; V$.
$(b)$ सेल का $emf$,$E = 1.9 \; V$.
आंतरिक प्रतिरोध,$r = 380 \; \Omega$.
अधिकतम धारा $I_{max}$ तब ली जाती है जब बाह्य प्रतिरोध शून्य हो: $I_{max} = \frac{E}{r} = \frac{1.9}{380} = 0.005 \; A$.
चूंकि कार की मोटर शुरू करने के लिए बहुत अधिक धारा की आवश्यकता होती है,इसलिए यह सेल मोटर को नहीं चला सकता है।