(A) सूक्ष्म तरंगें (microwaves) विशेष प्रकार की निर्वात नलिकाओं (vacuum tubes) जैसे क्लाइस्ट्रॉन,मैग्नेट्रॉन या गन डायोड द्वारा उत्पन्न की जाती हैं।
ये बहुत कम तरंग दैर्ध्य वाली रेडियो तरंगें हैं और इनकी आवृत्ति $0.3 \text{ GHz}$ से $300 \text{ GHz}$ तक होती है।
सूक्ष्म तरंगों के उपयोग:
$(i)$ इनका उपयोग विमान नेविगेशन के लिए रडार सिस्टम में किया जाता है।
$(ii)$ इनका उपयोग लड़ाकू विमानों,नौसेना संचालन और उपग्रह संचार के नियंत्रण के लिए किया जाता है।
$(iii)$ रडार का उपयोग गेंदों (टेनिस और क्रिकेट) और वाहनों की गति को मापने के लिए किया जाता है।
$(iv)$ इनका उपयोग माइक्रोवेव ओवन में किया जाता है। ऐसे ओवन में,सूक्ष्म तरंग की आवृत्ति पानी के अणुओं की आवृत्ति के साथ अनुनाद (resonance) करती है। परिणामस्वरूप,तरंग की ऊर्जा पानी के अणुओं की गतिज ऊर्जा के रूप में स्थानांतरित हो जाती है,जिससे भोजन गर्म हो जाता है। घरेलू माइक्रोवेव ओवन आमतौर पर $0.915 \text{ GHz}$ या $2.45 \text{ GHz}$ का उपयोग करते हैं।
अवरक्त तरंगें (infrared waves) गर्म पिंडों और उनके अणुओं द्वारा उत्पन्न होती हैं। ये विद्युत चुम्बकीय स्पेक्ट्रम के सूक्ष्म तरंग और दृश्य क्षेत्र के बीच स्थित होती हैं। $LED$ भी अवरक्त तरंगें उत्पन्न कर सकते हैं। इन्हें 'ऊष्मा तरंगें' (heat waves) भी कहा जाता है क्योंकि ये पदार्थ में मौजूद पानी के अणुओं,$CO_2$ और $NH_3$ द्वारा आसानी से अवशोषित हो जाती हैं। इन तरंगों को अवशोषित करने से अणुओं की गतिज ऊर्जा बढ़ जाती है,जिससे वे गर्म हो जाते हैं।
अवरक्त तरंगों के उपयोग:
$(i)$ अवरक्त बल्बों का उपयोग भौतिक चिकित्सा (physical therapy) में किया जाता है।
$(ii)$ ग्रीनहाउस प्रभाव के माध्यम से ये पृथ्वी के औसत तापमान को बनाए रखती हैं।
$(iii)$ अवरक्त सेंसर का उपयोग सैन्य उद्देश्यों और कृषि में फसल की वृद्धि की निगरानी के लिए किया जाता है।
$(iv)$ $LED$ का उपयोग $TV$,वीडियो रिकॉर्डर और $Hi-Fi$ सिस्टम के रिमोट कंट्रोल में किया जाता है।