(N/A) ऐसे उदाहरण हैं जहाँ एक एकल जीन कई फेनोटाइपिक (phenotypic) अभिव्यक्तियों को प्रदर्शित कर सकता है।
$\rightarrow$ ऐसे जीन को प्लीओट्रोपिक जीन कहा जाता है।
- अधिकांश मामलों में प्लीओट्रॉपी का अंतर्निहित तंत्र चयापचय मार्गों पर जीन का प्रभाव है,जो विभिन्न फेनोटाइप में योगदान करते हैं।
$\rightarrow$ इसका एक उदाहरण मनुष्यों में होने वाला रोग फिनाइलकीटोन्यूरिया (phenylketonuria) है।
- यह रोग उस जीन में उत्परिवर्तन (mutation) के कारण होता है जो फिनाइलएलनिन हाइड्रॉक्सिलेज़ (phenylalanine hydroxylase) एंजाइम के लिए कोड करता है (एकल जीन उत्परिवर्तन)।
$\Rightarrow$ यह मानसिक मंदता और बालों तथा त्वचा के रंजकता (pigmentation) में कमी जैसी फेनोटाइपिक अभिव्यक्तियों के माध्यम से प्रकट होता है।