(N/A) चरण $1$: परिवर्तन से गुजरने वाले परमाणुओं को ऑक्सीकरण संख्या दें।
$N_2H_4$: $N$ है $-2$,$H$ है $+1$
$ClO_3^-$: $Cl$ है $+5$,$O$ है $-2$
$NO$: $N$ है $+2$,$O$ है $-2$
$Cl^-$: $Cl$ है $-1$
चरण $2$: ऑक्सीकरण और अपचयन अर्ध-अभिक्रियाओं की पहचान करें।
ऑक्सीकरण: $N$,$-2$ से $+2$ में बदलता है (प्रति $N$ परमाणु $4$ इलेक्ट्रॉनों का त्याग,$N_2H_4$ अणु प्रति कुल $8$ इलेक्ट्रॉन)।
अपचयन: $Cl$,$+5$ से $-1$ में बदलता है (प्रति $Cl$ परमाणु $6$ इलेक्ट्रॉनों का ग्रहण)।
चरण $3$: इलेक्ट्रॉनों को संतुलित करें।
इलेक्ट्रॉनों को संतुलित करने के लिए ऑक्सीकरण अर्ध-अभिक्रिया को $3$ से और अपचयन अर्ध-अभिक्रिया को $4$ से गुणा करें ($24$ इलेक्ट्रॉनों का स्थानांतरण)।
$3 N_2H_4 + 4 ClO_3^- \rightarrow 6 NO + 4 Cl^-$
चरण $4$: क्षारीय माध्यम में $O$ और $H$ परमाणुओं को संतुलित करें।
बाईं ओर कुल $O$: $12$। दाईं ओर कुल $O$: $6$। दाईं ओर $6 H_2O$ जोड़ें।
$3 N_2H_4 + 4 ClO_3^- \rightarrow 6 NO + 4 Cl^- + 6 H_2O$
$H$ परमाणुओं की जांच करें: बाईं ओर $12 H$ $(3 \times 4)$। दाईं ओर $12 H$ $(6 \times 2)$।
समीकरण संतुलित है: $3 N_2H_{4(l)} + 4 ClO_{3(aq)}^- \rightarrow 6 NO_{(g)} + 4 Cl_{(aq)}^- + 6 H_2O_{(l)}$