(N/A) ट्रांसफॉर्मर एक विद्युत उपकरण है जो $AC$ वोल्टेज को बढ़ाता या घटाता है।
जो ट्रांसफॉर्मर वोल्टेज को बढ़ाते हैं उन्हें स्टेप-अप ट्रांसफॉर्मर कहा जाता है,जबकि जो ट्रांसफॉर्मर वोल्टेज को घटाते हैं उन्हें स्टेप-डाउन ट्रांसफॉर्मर कहा जाता है।
सिद्धांत: ट्रांसफॉर्मर अन्योन्य विद्युत चुंबकीय प्रेरण (mutual electromagnetic induction) के सिद्धांत पर कार्य करता है।
बनावट: ट्रांसफॉर्मर में एक-दूसरे से इंसुलेटेड कुंडलियों (coils) के दो सेट होते हैं।
चित्र $(a)$ और $(b)$ में दिखाए अनुसार,कुंडलियों को नरम लोहे की कोर पर या तो एक-दूसरे के ऊपर या कोर के अलग-अलग अंगों पर लपेटा जाता है। एक कुंडली,जिसे प्राथमिक कुंडली (primary coil) कहा जाता है,में $N_{p}$ फेरे होते हैं।
दूसरी कुंडली को द्वितीयक कुंडली (secondary coil) कहा जाता है और इसमें $N_{s}$ फेरे होते हैं। प्राथमिक कुंडली इनपुट कुंडली है और द्वितीयक कुंडली ट्रांसफॉर्मर की आउटपुट कुंडली है।
कुंडलियों को दो तरीकों से लपेटा जाता है:
$(1)$ कोर प्रकार: कुंडलियों को नरम लोहे की कोर के अलग-अलग अंगों पर लपेटा जाता है जैसा कि चित्र $(b)$ में दिखाया गया है।
$(2)$ शेल प्रकार: कुंडलियों को नरम लोहे की कोर पर एक-दूसरे के ऊपर लपेटा जाता है जैसा कि चित्र $(a)$ में दिखाया गया है।