(N/A) $1$. संतृप्ति धारा (Saturation Current): प्रकाश-विद्युत प्रभाव में,जैसे-जैसे त्वरित विभव (एनोड विभव) बढ़ाया जाता है,प्रकाश-विद्युत धारा बढ़ती है। अंततः,एक ऐसी स्थिति आती है जहाँ सभी उत्सर्जित प्रकाश-इलेक्ट्रॉन संग्राहक प्लेट तक पहुँच जाते हैं। इस बिंदु पर,धारा स्थिर हो जाती है और विभव में वृद्धि के साथ आगे नहीं बढ़ती है। इस अधिकतम स्थिर धारा को संतृप्ति धारा कहा जाता है।
$2$. निरोधी विभव (Stopping Potential): आपतित विकिरण की एक दी गई आवृत्ति के लिए,कैथोड के सापेक्ष एनोड पर लगाया गया वह न्यूनतम ऋणात्मक (मंदक) विभव जो सबसे अधिक ऊर्जा वाले प्रकाश-इलेक्ट्रॉनों को भी रोक देता है,उसे निरोधी विभव या कट-ऑफ विभव $(V_0)$ कहा जाता है। इस विभव पर,प्रकाश-विद्युत धारा शून्य हो जाती है।
$3$. देहली आवृत्ति (Cut-off Frequency/Threshold Frequency): किसी दिए गए प्रकाश-सुग्राही पदार्थ के लिए,आपतित विकिरण की एक न्यूनतम आवृत्ति होती है जिसके नीचे कोई प्रकाश-विद्युत उत्सर्जन नहीं होता है,चाहे विकिरण की तीव्रता कितनी भी अधिक क्यों न हो। इस न्यूनतम आवृत्ति को देहली आवृत्ति या कट-ऑफ आवृत्ति $(
u_0)$ कहा जाता है।