(N/A) - रंध्रों के खुलने या बंद होने का तात्कालिक कारण द्वार कोशिकाओं की स्फीति (turgidity) में परिवर्तन है।
- प्रत्येक द्वार कोशिका की आंतरिक भित्ति,जो रंध्र छिद्र की ओर होती है,मोटी और लचीली होती है।
- जब प्रत्येक रंध्र छिद्र के दोनों ओर स्थित दो द्वार कोशिकाओं के भीतर स्फीति बढ़ती है,तो पतली बाहरी भित्तियाँ बाहर की ओर फूल जाती हैं और आंतरिक भित्तियों को अर्धचंद्राकार आकार में धकेल देती हैं,जिससे रंध्र खुल जाते हैं।
- रंध्र का खुलना द्वार कोशिकाओं की कोशिका भित्तियों में सेलुलोज सूक्ष्मतंतुओं (microfibrils) के अभिविन्यास द्वारा भी सुगम होता है।
- ये सूक्ष्मतंतु अनुदैर्ध्य (longitudinally) के बजाय त्रिज्यीय (radially) रूप से व्यवस्थित होते हैं,जिससे रंध्र का खुलना आसान हो जाता है।
- जब जल की हानि के कारण द्वार कोशिकाएं अपनी स्फीति खो देती हैं,तो लचीली आंतरिक भित्तियाँ अपने मूल आकार में वापस आ जाती हैं,जिससे रंध्र बंद हो जाते हैं।