(N/A) $1$. प्रगामी तरंग: वह तरंग जो बिना अपना रूप बदले किसी माध्यम में एक निश्चित दिशा में निरंतर आगे बढ़ती है,उसे प्रगामी तरंग कहते हैं।
$2$. तरंग समीकरण: वह गणितीय व्यंजक जो माध्यम के कणों के विस्थापन को स्थिति $(x)$ और समय $(t)$ के फलन के रूप में वर्णित करता है,तरंग समीकरण कहलाता है।
$3$. प्रगामी हार्मोनिक अनुप्रस्थ तरंग के लिए तरंग समीकरण: स्थिति $x$ और समय $t$ पर कण का विस्थापन $y$ इस प्रकार है: $y(x, t) = A \sin(kx - \omega t + \phi)$,जहाँ $A$ आयाम है,$k = \frac{2\pi}{\lambda}$ कोणीय तरंग संख्या है,$\omega = 2\pi f$ कोणीय आवृत्ति है और $\phi$ प्रारंभिक कला नियतांक है।
$4$. ग्राफ द्वारा व्याख्या:
- $y-x$ ग्राफ (नियत $t$ पर): यह किसी विशेष क्षण पर तरंग की स्थिति को दर्शाता है,जो विस्थापन में स्थानिक परिवर्तन को प्रदर्शित करता है।
- $y-t$ ग्राफ (नियत $x$ पर): यह समय के साथ एक निश्चित स्थिति पर एक एकल कण के दोलन को दर्शाता है।